वाराणसी, मार्च 25 -- वाराणसी। बीएचयू के संगीत और मंच कला संकाय में आयोजित पूर्वाचार्य स्मृति संगीत समारोह सह परिसंवाद के दूसरे दिन मंगलवार को शास्त्रीय कलाओं और बौद्धिक विमर्श का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. ज्ञानेशचंद्र पांडेय की राग भैरवी में प्रस्तुत प्रार्थना 'रचा प्रभु तूने यह ब्रह्मांड सारा' से हुआ। इसके बाद पद्मश्री पं. ऋत्विक सान्याल, पं. रविंद्र नारायण गोस्वामी और प्रो. बृजभूषण ओझा ने भारतीय संगीत की आध्यात्मिक और वैश्विक महत्ता पर अपने विचार रखे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के क्रम में डॉ. सतीश कुमार के बांसुरी वादन, पूर्णेश भागवत के राग गौड़ सारंग में गायन और प्रो. प्रवीण उद्धव के निर्देशन में बनारस घराने के पारंपरिक समूह तबला वादन को प्रस्तुत किया गया। शाम की अगली कड़ियों में अलंकृता राय का राग मुल्तानी में बड...