लखनऊ, फरवरी 28 -- भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय एवं भातखण्डे एलुमनी एसोसिएशन की ओर से शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में सुरम्य सांगीतिक संध्या हुई। राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में सजी संध्या में एक से बढ़कर एक प्रस्तुति देखने को मिली। मुख्य अतिथि भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. माण्डवी सिंह रहीं। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र अक्षत अवस्थी ने शास्त्रीय संगीत की अनुपम प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने राग देवगिरी बिलावल में विलंबित तिलवाड़ा ताल में ए बना ब्याहन आयो प्रस्तुत किया। इसके बाद तीन ताल में छोटा ख्याल मानो जरा अब माननी तथा दादरा की सुमधुर प्रस्तुति से सभागार को रससिक्त कर दिया। उनकी गायकी में राग की शुद्धता, भाव की गहराई एवं तानों की सटीकता ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अक...