आजमगढ़, सितम्बर 25 -- आजमगढ़, संवाददाता। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर जिले के हाइवे से लेकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर निगम के साथ ही प्राइवेट और स्लीपर बसें दौड़ रही हैं। अधिकारियों की उदासीनता से यात्रियों में हमेशा खतरे की आशंका बनी रहती है। आपातकालीन निकास द्वार से लेकर स्लीपर बसों में संकरे गलियारे यात्रियों की सुरक्षा में बाधक बने हुए हैं। इन बसों की नियमित इंजन से लेकर उपकरणों की जांच भी नहीं होती है। यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए दर्दनाक बस हादसे जैसी घटना जिले में घटित होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। जिले से दिल्ली, कोलकाता, रांची, मध्य प्रदेश, मुंबई, गुजरात, छत्तीसगढ़ समेत सहित कई राज्यों के लिए रोजाना सैकड़ों यात्री निगम के साथ ही प्राइवेट स्लीपर बसों से सफर करते हैं, लेकिन लंबी दूरी तय कराने वाली इन बसों की हालत बेहद जर्जर होती जा र...