इटावा औरैया, अप्रैल 12 -- इटावा। मथुरा और चित्रकूट में नाव पलटने की दो गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं लेकिन शहर से होकर गुजरी चतुर्दिक वाहिनी यमुना नदी के किनारे न तो प्रमुख पर्वो पर और न ही अन्य दिनों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं रहते है।प्रमुख पर्वो पर घाटों की निगरानी के लिएऊंचे वॉच टावर और हाई डेफिनेशन कैमरे तो दूर की बात है यहां पर सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मी भी तैनात नहीं रहते हैं। सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम न होने के चलते ज्यादातर श्रद्धालुओं ने पर्वों पर स्नान के लिए पहुंचना बंद कर दिया है।यमुनोत्री से प्रयागराज तक इष्टिकापुरी अर्थात इटावा एक ऐसा स्थान है जहां पर यमुना नदी चतुर्दिक वाहिनी है। लगभग चार दशक से नदी के किनारे पानी न होने के कारण एक दर्जन से ज्यादा प्रमुख घाट सन्नाटे में डूबे रहते हैं। जब तक घाटों पर यमुना की धारा थी तब तक ...
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