फतेहपुर, अप्रैल 5 -- फतेहपुर। जिस अन्नदाता की मेहनत और पसीने से लोगों के घरों में थाली सजती है, वह अन्नदाता मौसम की मार झेल रहा है। गेहूं की फसल पकने के बाद प्रकृति ने किसान के साथ ऐसा मजाक किया कि उसका गणित बिगड़ गया। तैयार फसल पर आंधी-बारिश और ओलावृष्टि हुई तो बर्बाद हो गई। अब नमी वाली फसल को लेकर जाएं तो कहां जाएं। सरकारी क्रय केंद्र पर नमी की फसल को लिया नहीं जाता और मंडी में व्यापारी कोड़ियों के भाव उस फसल को लेंगे। ऐसे में किसान सिर पकड़ कर बैठा है। जिनकी फसल बच गई है, वह भी बारिश और ओले की आशंका से ग्रसित हो चुके हैं। शनिवार की देरशाम से शुरू हुई बारिश का कहर पूरी रात जारी रहा। तेज हवा के साथ कहीं कहीं ओलावृष्टि भी हुई। शहर में जहां रानी कालोनी समेत अन्य स्थानों में जलभराव हो गया तो वहीं ग्रामीणांचलों में किसानों की फसलों पर बारिश ने ...
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