लखीसराय, मई 27 -- लखीसराय, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिला मुख्यालय की यातायात व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर आ गई है। शहर में जाम लगना अब कोई सामयिक समस्या या कुछ घंटों की किल्लत नहीं बल्कि एक स्थाई प्रशासनिक नाकामी बन चुका है। स्थिति यह है कि सुबह की पहली किरण से लेकर देर रात तक शहर की सड़को पर वाहनों के धुएं और हॉर्न के शोर में पूरी तरह चोक हो रही हैं। वीआईपी मूवमेंट हो या आम जनता की मजबूरी शहर की सड़कों पर रेंगना हर नागरिक की नियति बन चुका है। आमतौर पर किसी भी शहरी क्षेत्र में स्कूल, दफ्तर और बाजार के समय ट्रैफिक का दबाव देखा जाता है। लेकिन लखीसराय में यातायात के तमाम नियम और सिद्धांत फेल साबित हो रहे हैं। यहाँ सुबह के 8 बजते ही जो गाड़ियों का काफिला थमता है वह रात के 9 बजे तक जस का तस बना रहता है। मुख्य बाजार, पुरानी बाजार, और विद्यापीठ चौक...