वाराणसी, जून 24 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन के साहित्यिक प्रकल्प काव्यार्चन की 66वीं कड़ी का मंगलवार को गंगा किनारे अस्सी घाट पर आयोजन हुआ। इस सत्र में रचनाकारों ने जीवन के विभिन्न पक्षों पर केंद्रित रचनाओं का पाठ किया। पारिवारिक संस्कारों पर भी खुलकर बात रखी गई।

युवाओं का योगदान मधुलिका राय 'मधु' की अध्यक्षता में हुए सत्र में युवा रचनाकार डॉ. शिवप्रकाश 'साहित्य' ने अपनी रचना में नारी जीवन की चुनौतियों को बखूबी उकेरा। उन्होंने सुनाया-'इक ब्याही युवती हूं अपने घर में ही गुमनाम हुई, मैं लड़की हूं कदम-कदम पर घड़ी-घड़ी बदनाम हुई...।'

रचनाएँ और कविताएँ डॉ. प्रवीण तिवारी ने कविता और मनोभाव के बीच के संबंध पर केंद्रित रचना का पाठ किया। सुबह-ए-बनारस के संस्थापक सचिव डॉ. रत्नेश वर्मा के संयोजन एवं जगदीश्वरी चौबे के संचालन म...