वाराणसी, मई 31 -- वाराणसी। सुबह-ए-बनारस आनंद कानन की प्रभाती में शनिवार को अस्सी घाट पर श्रीलंका की कलाकार कल्पना काविन्दी का शास्त्रीय गायन हुआ। गायन का आरंभ राग अहिर भैरव में विलंबित एकताल में निबद्ध बंदिश 'अलसाने हो लालन रतिया' से किया। द्रुत तीन ताल में निबद्ध बंदिश 'मान ले मोरा मनवा तुम' और भजन 'प्रभु जी मेरे मेरे' से गायन को सुरीला विस्तार देने के बाद समापन राग खमाज में ठुमरी 'छोड़ो डगरिया श्याम रे' से किया। उनके साथ तबला पर शक्ति सागर एवं संवादिनी पर हर्षित पाल ने संगत की। संचालन डॉ. रत्नेश वर्मा ने किया।

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