नई दिल्ली, जुलाई 23 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल की एक याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई। याचिका में उन्होंने संविधान की दसवीं अनुसूची की उस व्याख्या को चुनौती दी है जो सांसदों/विधायकों को राजनीतिक दलों के विलय के जरिए दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य होने से बचने की इजाजत देती है। शीर्ष अदालत ने सिब्बल को 27 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर को सहमति जताई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं वी. मोहना की पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल ने याचिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत क्षमता से यह याचिका दायर की है और इसे तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए। यह भी पढ़ें- दल बदलने पर सांसदों/विधायकों को अयोग्य होने से बचाने वाले 10वीं अनुसूची की...