नई दिल्ली, अगस्त 6 -- नाबालिग के यौन उत्पीड़न मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कथित धर्मगुरू आसाराम उर्फ आशुमल को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने झटका देते हुए अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, अदालत ने एम्स के डॉक्टरों की सलाह को मानते हुए उन्हें चौबीसों घंटे मदद के लिए अपनी पसंद का एक प्रशिक्षित केयरटेकर रखने की अनुमति दे दी। अदालत के इस फैसले से चार दिन पहले आसाराम को मिली 20 दिन की पैरोल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। आसाराम ने साल 2013 में एक नाबालिग के साथ यह अपराध किया था। शीर्ष अदालत ने आसाराम को यह राहत इस आधार पर दी, जब उसे बताया गया था कि एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत तो नहीं है, लेकिन उन्हें चौबीसों घंटे मेडिकल मदद की जरूरत है। जिसके बाद सर्वोच्च अदालत ने आसाराम को ...