मऊ, अगस्त 13 -- मऊ, संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर राष्ट्रहित मध्यस्थता एवं समाधान योजना के तहत बुधवार को किरायेदारी से जुड़े एक पुराने विवाद का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। जिला न्यायालय से शुरू होकर हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे आलोक बनाम अंकित मामले में दोनों पक्षकारों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त कर दिया। सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन किरायेदारी संबंधी इस विवाद की पत्रावली सुलह-समझौते के लिए अपर सत्र न्यायाधीश बाकर शमीम रिजवी तथा अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत हीरालाल और सदस्य विकास भाई निकुम्भ के समक्ष प्रस्तुत हुई। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच सद्भावपूर्ण वातावरण में कई दौर की बातचीत कराकर आपसी सहमति बनाने का प्रयास किया। यह भी पढ़ें- मध्यस्थता से सुलझाएं परिवार, अदालतों का बोझ कम करने पर जोर लगातार प्रया...