नई दिल्ली, अगस्त 22 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने भाई की हत्या के जुर्म में दोषी 105 साल के बुजुर्ग रसिक चंद्र मंडल को बाकी बची जिंदगी आजादी से जीने की अनुमति दे दी। शीर्ष अदालत ने महत्वपूर्ण फैसले में मंडल के खिलाफ केस बंद करने के साथ ही उनकी उम्र को ध्यान में रखते हुए उम्रकैद की बची हुई सजा को भी माफ कर दिया। ‌पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में 1920 में जन्मे रसिक चंद्र मंडल पर 1988 में संपत्ति को लेकर हुए विवाद में अपने ही भाई सुरेश मंडल की हत्या करने के जुर्म में 1994 में दोषी ठहराया गया था। इस मामले में 2018 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंडल की अपील को खारिज करते हुए सजा को बहाल रखा था। अदालत ने दोषी ठहराकर जब मंडल को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, तब उनकी उम्र 68 साल की थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और वी. मोह...