नई दिल्ली, मई 8 -- ओडिशा हाईकोर्ट द्वारा पारित एक आदेश का संज्ञान लेते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के दोषी को जमानत दे दी। साथ ही हाईकोर्ट के उस दृष्टिकोण पर गंभीर चिंता जताई, जिसमें देरी के आधार पर उसकी अपील खारिज कर दी गई थी। न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति उज्ज्ल भुइयां की पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट को इस मामले पर 'व्यावहारिक और सहानुभूतिपूर्ण' दृष्टिकोण अपनाना चाहिए था और दोषी को उसकी अपील पर गुण-दोष के आधार पर बहस करने का अवसर देने के लिए देरी को माफ कर देना चाहिए था। शीर्ष अदालत ने इस बात पर गौर किया कि दोषी को एक बार भी पैरोल या छुट्टी पर रिहा नहीं किया गया है और कहा कि मामले को हाईकोर्ट में वापस भेजना और आपराधिक अपील पर गुण-दोष के आधार पर सुनवाई करना व्यर्थ होगा। पीठ ने कहा कि इस मामले के विशिष्ट तथ्यों और परिस्थितियों को ...
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