नई दिल्ली, जुलाई 15 -- सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली को लेकर छात्रों की 'हताशा' पर बुधवार को चिंता जताई। शीर्ष अदालत ने इस मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सुनवाई में सहायता करने का अनुरोध किया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि छोटे बच्चों में हताशा का स्तर देखिए। अदालत ने इस मामले में सॉलिसिटर जनरल की सहायता लेने की बात कही। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। पीठ ने कहा कि डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में कुछ व्यवस्थित और धीरे-धीरे बढ़ती समस्याएं दिखाई दे रही हैं। जस्टिस बागची ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि हम आपकी सहायता चाहते हैं, किसी विरोधी पक्ष के रूप में नहीं। कुछ समस्याएं हैं। उन्होंने मामले में स्थिति रिपोर्ट भी मांगी。...