नई दिल्ली, सितम्बर 15 -- मधुरिमा नंदी सुप्रीम कोर्ट ने अपने हालिया फैसले में रियल एस्टेट सेक्टर में चल रही गड़बड़ियों और मुनाफाखोर निवेशकों की गतिविधियों पर सख्ती बरती है। अदालत ने अपने आदेश में साफ कहा है कि बिल्डर ऐसे अनुबंध न करें, जिसमें असली फ्लैट खरीदारों के बजाए मुनाफाखोर निवेशकों को फायदा पहुंचे। इसके लिए असल खरीदारों की पहचान सुनिश्चित करनी होगी। माना जा रहा है कि अदालत के इस फैसले से सिर्फ मुनाफे के लिए फ्लैट खरीदने वाले खरीदारों और बिल्डरों की साठगांठ पर रोक लगेगी। कोर्ट ने कहा है कि हर नागरिक को घर का अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी है कि घर खरीदने वालों के साथ कोई धोखा या शोषण न हो। 1. यदि समझौते में 'पुनर्खरीद ' या 'अनिवार्य रिटर्न' जैसी शर्त है, तो ग्राहक को मुनाफा कमाने वाला (स्पेक्युलटिव) माना जाए। 2. एक व्यक्ति द्वारा क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.