नई दिल्ली, दिसम्बर 30 -- सुप्रीम कोर्ट ने एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करते हुए वकीलों द्वारा दलीलों और लिखित निवेदन प्रस्तुत करने की समय-सीमा निर्धारित कर दी है। इस कदम का उद्देश्य अदालती कामकाज में सुगमता और न्याय मुहैया कराने में तेजी लाना है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत एवं अन्य न्यायाधीशों ने सोमवार को एक परिपत्र जारी किया, जिसमें सभी मामलों में मौखिक दलीलें प्रस्तुत करने की समयसीमा का पालन करने के लिए एसओपी तय की गई है। तत्काल प्रभाव से लागू इस एसओपी में कहा गया कि वरिष्ठ अधिवक्ता, दलील रखने वाले वकील और रिकॉर्ड पर मौजूद अधिवक्ता, नोटिस के बाद और नियमित सुनवाई वाले सभी मामलों में मौखिक बहस करने की समय-सीमा सुनवाई शुरू होने से कम से कम एक दिन पहले प्रस्तुत करेंगे। यह समय-सीमा अदालत को 'एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड' (एओआर) को पहले से उपल...