गोरखपुर, जनवरी 8 -- गोरखपुर में सुप्रीम कोर्ट और सरकार के सख्त आदेशों के बावजूद आवारा कुत्तों की समस्या जस की तस बनी हुई है। शहर में अभी तक कुत्तों के लिए कोई शेल्टर होम नहीं बन पाया है, जिसका नतीजा यह है कि स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और मोहल्लों में आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। नगर निगम फिलहाल सिर्फ इतना कर पा रहा है कि शिकायत मिलने पर कुत्तों को पकड़ता है, उनकी नसबंदी और टीकाकरण करता है और फिर वापस उसी जगह छोड़ देता है, क्योंकि उन्हें रखने के लिए कोई जगह ही नहीं है। हालांकि, प्रशासन ने 7000 कुत्तों के लिए शेल्टर बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है, लेकिन अभी उस पर काम शुरू होना बाकी है। स्कूलों में कुत्तों को रोकने के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारी तो दी गई है, लेकिन बाउंड्री और गेट की व्यवस्था न होने से यह कोशिश भी बेकार साबित हो ...