नई दिल्ली, मार्च 11 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया और 13 साल से कोमा में हरीश राणा को इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी है। शीर्ष न्यायालय ने जनवरी में इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। खास बात है कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने 13 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से राणा के माता-पिता और उनके छोटे भाई से मुलाकात की थी, जिन्होंने कहा था कि वे नहीं चाहते कि हरीश को और दुख सहना पड़े।कैसे इस हाल में पहुंचे हरीश राणा घटना साल 2012 की है। उस समय हरीश राणा (Harish Rana Case) चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग कर रहे थे। पढ़ाई के दौरान वह पीजी यानी पेयिंग गेस्ट के तौर पर रह रहे थे। 20 अगस्त को राखी के त्योहार पर वह हादसे का शिकार हो गए। दरअसल, वह अपने पीजी की चौथी मंजिल का बालकनी से गिर गए थे। इस हादसे में उन्हें सिर में गंभीर ...
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