कानपुर, मई 19 -- कानपुर देहात, संवाददाता। आवारा कुत्तों से पैदा हो रहे खतरे को संज्ञान लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2025 में जारी कुत्तों पर नियंत्रण के आदेश को बहाल रखा है। करीब 6 महीने से अधिक की अवधि बीतने के बाद भी जिले में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिये कोई इंतजाम नहीं हो सका है। करीब तीन महीने  पहले नगर पंचायत अकबरपुर की बोर्ड बैठक में एबीसी सेंटर बनाने का प्रस्ताव किया था। जमीन उपलब्ध होने के बाद भी अभी धनराशि स्वीकृति के लिये प्रस्ताव शासन नहीं जा सका है। आवारा कुत्ते आम लोगों के साथ ही बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिये खासा खतरा है। जनपद में हर दिन हो रही एंटी रैबीज की खपत को आधार माना जाये तो 100 से 150 लोग कुत्ता काटने का हर दिन शिकार हो रहे हैं। सार्वजनिक स्थान हो या फिर गांव और कस्बों की गलियां कुत्तों के झुंड देख कई बार...