सुपौल, जनवरी 21 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। लैंगिक अपराध से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत दर्ज मामलों के शीघ्र निष्पादन को लेकर बिहार सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। राज्यभर में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के उद्देश्य से अब पुलिस, अभियोजन और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। जांच और ट्रायल में किसी भी स्तर पर लापरवाही अब स्वीकार्य नहीं होगी। यदि किसी पॉक्सो मामले में आईओ 60 दिनों के अंदर जांच पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल नहीं करते हैं, तो इसकी सूचना अनिवार्य रूप से अपराध अनुसंधान विभाग के पुलिस महानिदेशक को भेजी जाए। जांच में देरी करने वाले अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई की जा सकती है। जिन मामलों में एफएसएल रिपोर्ट के अभाव में सुनवाई लंबित है, उनकी विस्तृत सूची तैयार की जाएगी। इन मामलों...