सुपौल, जून 3 -- सुपौल, कार्यालय संवाददाता। श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और आर्थिक रूप से सहयोग देने के उद्देश्य से संचालित बिहार जन शताब्दी छात्रवृत्ति योजना जिले में अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पा रही है। जिले में 30 हजार से अधिक पंजीकृत निर्माण श्रमिक होने के बावजूद पिछले वर्ष केवल 132 विद्यार्थियों को ही इस योजना का लाभ मिल सका। यह आंकड़ा इस बात की ओर संकेत करता है कि बड़ी संख्या में पात्र छात्र-छात्राएं योजना की जानकारी के अभाव में इसके लाभ से वंचित रह जा रहे हैं। श्रम विभाग की ओर से संचालित इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को विभिन्न शैक्षणिक स्तरों पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह भी पढ़ें- सुपौल : 30 हजार पंजीकृत श्रमिकों के जिले में सिर्फ 132 बच्चों को मिली छात्रवृत्ति मैट्रिक और इंटर...