सुपौल, अप्रैल 17 -- त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। बच्चे के साथ मारपीट मामले में प्रखंड क्षेत्र स्थित हंसवाहिनी पब्लिक स्कूल पर डीएम के आदेश के बाद शिक्षा विभाग द्वारा शुरू हुई कार्रवाई के बाद विद्यालय में कई अनियमितताएं उजागर हुई हैं। विद्यालय बिना मान्यता और बिना यू-डाइस कोड के संचालित पाया गया, जबकि इसका क्यूआर कोड 19 दिसंबर 2024 को ही समाप्त हो चुका है। छात्रों के नामांकन व उपस्थिति का रिकॉर्ड अधिकृत रजिस्टर के बजाय पुराने कैलेंडर में दर्ज किया जा रहा था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि विद्यालय द्वारा अभिभावकों से 3000 से 3500 रुपये मासिक शुल्क वसूला जा रहा है, जबकि स्कूल का भवन जर्जर है और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। यह भी पढ़ें- बिहार में कैसे बनते हैं टीचर? 46,882 पदों के लिए BPSC TRE-4 का हो चुका है शंखनाद, जानें क्या है पूरी प्र...