सुपौल, दिसम्बर 14 -- कुनौली, निज प्रतिनिधि। इस साल खेतों में अधिक दिनों तक जलजमाव क कारण गेहूं की बुआई के लिए खेत तैयार करने में किसानों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ रही है। गेहूं की बुआई का समय बीतते देख ज्यादातर कसान अपने गीले खेत में ही गेहूं की बुआई करने को विवश हैं। जिन किसानों के खेतों में अब तक गेहूं की बुआई नहीं हो सकी है, उन्हें गेहूं की पछता खेती से इस साल उपज पर प्रतिकल असर पडने की भी चिंता सता रही है। दूसरी तरफ समय पर गेहूं की खेंतो की जोत , खाद व बीज की महंगाई ने पिछले साल की तुलना में इस साल कृषि लागत पूंजी को भी बढ़ा दी हैं। ट्रैकटर से प्रति बीघा खेतों की जोत व संवार करने में करीब 8 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। खेत तैयार करने, कंपोस्ट खाद, डीएपी व अन्य उर्वरक सहित मजदूरी मद हजारों रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं। किसानों ...
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