सुपौल, फरवरी 5 -- कुनौली, निज प्रतिनिधि। मौसम के साफ होते ही लाही कीट का प्रभाव फसल पर दिखने लगा है। दलहनी एवं तिलहनी फसल सहित रबी की कई फसलों के लिए लाही कीट खतरे की घंटी बन गई है। खासकर सरसों की फसल पर लाही का प्रकोप ज्यादा ही होता है। हालांकि इनका प्रभाव आसमान में बादल छाने पर ज्यादा दिखता है। लेकिन आसमान में अभी बदल नहीं है। फिर भी मौसम स्थिर रहने से इनका प्रभाव दिख रहा है। क्षेत्र के डगमारा पंचायत के किसान धीरेंद्र कुमार मंडल,रामकरण कामत,बच्चू झा,शिव नारायण पंडित सहित अन्य किसानों का कहना है कि सरसों की अधिकांश फसल में फूल पर ढेरी के शक्ल में लाही कीट लग गए हैं। अरहर की फसल में भी अब फूल लगने शुरू हो रहे हैं। ऐसे में फसल पर लाही कीट के प्रकोप को कम करने का विकल्प दवा का छिड़काव करना ही है। हालांकि पानी से भी लाही कीट धुल जाते हैं। पर...
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