सुपौल, जनवरी 28 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। अब जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सेहत की पहली जांच उनके अपने शिक्षक ही करेंगे। शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल के तहत एक नई योजना लागू की जा रही है, जिसके अंतर्गत जिले के लगभग एक हजार विद्यालयों में बच्चों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाएगी। इस योजना के तहत प्रत्येक विद्यालय से दो शिक्षकों को नामित किया जाएगा, जिन्हें बच्चों की लंबाई, वजन, बॉडी मास इंडेक्स और सामान्य स्वास्थ्य लक्षणों की जांच की जिम्मेदारी दी जाएगी। इन शिक्षकों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे डॉक्टरों की अनुपस्थिति में भी बच्चों की प्रारंभिक स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर सकें। जांच से जुड़ी सभी जानकारियां निर्धारित 'पुर्जा' पर दर्ज की जाएंगी और बाद में ई...