सुपौल, मई 12 -- वीरपुर, एक संवाददाता। करोड़ों की लागत से बने आधुनिक भवन, ऑपरेशन थिएटर और दो सर्जनों की उपलब्धता के बावजूद वीरपुर अनुमंडलीय अस्पताल में मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। हालत यह है कि छोटे-मोटे ऑपरेशन से लेकर प्रसव संबंधी जटिल मामलों तक के मरीजों को निजी क्लिनिकों का रुख करना पड़ रहा है। इससे गरीब मरीजों का आर्थिक शोषण होने के साथ उनकी जान भी जोखिम में पड़ रही है।

अस्पताल की स्थिति कोशी योजना के साथ स्थापित ललित नारायण अस्पताल कभी सीमावर्ती नेपाल समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों के मरीजों के लिए बेहतर इलाज का केंद्र माना जाता था। स्थानीय लोगों के लंबे आंदोलन के बाद इसे अनुमंडलीय अस्पताल का दर्जा मिला। आधुनिक सुविधाओं से लैस भवन और ऑपरेशन थिएटर भी तैयार हुआ, लेकिन आज स्थिति यह है कि परिवार नियोजन ऑपरेशन को छोड़ अन्य सर्जरी अस...