सुपौल, मार्च 28 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। पेट की आग बुझाने के लिए घर से दूर कमाने निकले मजदूर अब गैस की आग से ही हार मानकर लौटने को मजबूर हो गए हैं। पिपरा प्रखंड के लालपट्टी गांव के कई मजदूर हरियाणा से वापस अपने घर लौट आए हैं। उनकी आंखों में मायूसी और जुबान पर एक ही दर्द-"कमाई से ज्यादा खर्च हो रहा था, तो वहां रहकर क्या करते।" रवण कुमार पानीपत जिले के इसराना में बेडशीट फैक्ट्री में काम करते थे। रोज 500 रुपये की दिहाड़ी मिलती थी, लेकिन गैस 400 से 420 रुपये प्रति किलो मिल रही थी। उन्होंने बताया कि आधी कमाई तो चूल्हा जलाने में ही खत्म हो जाती थी। ऐसे में बाकी जरूरतें पूरी करना नामुमकिन हो गया, इसलिए काम छोड़कर घर लौट आए। कुंदन कुमार ने कहा कि कई बार ऐसा हुआ जब गैस नहीं मिलने से खाना भी नसीब नहीं हुआ। बड़ी मुश्किल से 400 रुपये किलो की दर ...