सुपौल, मार्च 18 -- सुपौल, कार्यालय संवाददाता। सुपौल इंजीनियरिंग कॉलेज के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के तीसरे दिन विशेषज्ञों ने रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस के व्यावहारिक और उन्नत अनुप्रयोगों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सत्रों में भाग लेते हुए अपने तकनीकी ज्ञान को और समृद्ध किया। कार्यक्रम की शुरुआत एनआईटी पटना के डॉ. रामाकर झा के व्याख्यान से हुई, जिसमें उन्होंने जीआईएस आधारित बाढ़ जोखिम मानचित्रण पर विस्तार से चर्चा की। इसके बाद एसआईटी सीतामढ़ी के अविनाश कुमार ने आर्द्रभूमि संरक्षण में जीआईएस की भूमिका पर अपने विचार रखे। अगले सत्र में जीईसी नवादा के डॉ. शशि रंजन ने बाढ़ विश्लेषण विषय पर आधुनिक तकनीकों और उनके व्यावहारिक उपयोगों को समझाया। वहीं दोपहर बाद आयोजित सत्र में बीपीएमसीई ...