सुपौल, अप्रैल 13 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में रबी की प्रमुख नगदी फसल मक्का इस बार कई चुनौतियों के बीच जूझ रही है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की अनिश्चितता, बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने जहां उत्पादन पर असर डाला है, वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ नहीं मिलने से किसानों की आमदनी पर भी सीधा असर पड़ा है। हालात ऐसे हैं कि लागत बढ़ने के बावजूद किसानों को उनकी उपज का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार सुपौल जिले में करीब 50 हजार हेक्टेयर में मक्का की खेती होती है। कोसी और सीमांचल क्षेत्र में मक्का को नकदी फसल के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस बार मौसम की मार ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। यह भी पढ़ें- सुपौल : जलवायु परिवर्तन से मक्का उत्पादन पर असर मार्च महीने में 20 और 21 तारीख को आ...