सुपौल, जून 5 -- बलुआ बाजार, एक प्रतिनिधि। सड़क हादसे में नीरज कुमार ऋषिदेव की मौत ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सड़कों के अतिक्रमण और खेती-किसानी के नाम पर हो रही लापरवाही को उजागर कर दिया है। यह भी पढ़ें- ट्रैक्टर की चपेट में आने से 20 वर्षीय युवक की मौतमौत के बाद नई चिंताएं जिस एसएच-91 पर गुरुवार शाम युवक की जान गई, वह सड़क वर्षों से मक्का और पटुआ सुखाने का अघोषित खलिहान बनी हुई है।सड़क सुरक्षा की चिंता सवाल यह है कि जब समस्या पुरानी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? स्थानीय लोगों के अनुसार चैनपुर से लेकर रामजानकी चौक तक सड़क के दोनों लेन पर मक्का सुखाना आम बात है।ग्रामीणों की आपत्ति किसान सड़क पर ही थ्रेसर लगाकर फसल तैयार करते हैं। कई जगह जलावन, गोबर और मवेशियों का भी कब्जा रहता है।अवहेलनात्मक संवाद ऐसे में राहगीरों और वाहन चालकों के लिए सड़क...