सुपौल, अप्रैल 7 -- वीरपुर, एक संवाददाता। कभी ग्रामीण जीवन और खानपान का अभिन्न हिस्सा रहे मोटे अनाज (मिलेट्स) अब एक बार फिर मुख्यधारा में लौटने की तैयारी में हैं। किसानों की आय बढ़ाने और लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकारें मोटे अनाज की खेती को प्रोत्साहित कर रही हैं। इसी कड़ी में सुपौल जिले में कृषि विभाग ने खरीफ सीजन के लिए विशेष योजना तैयार की है। कृषि विभाग के अनुसार, जिले में मोटे अनाज की खेती को क्लस्टर आधारित मॉडल पर बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का, कोदो, चीना, मरुआ समेत अन्य फसलों की खेती के लिए 400 एकड़ भूमि में 40 क्लस्टर बनाए जाएंगे। किसानों को अनुदानित दर पर उन्नत बीज उपलब्ध कराए जाएंगे और इसके लिए प्रखंडवार लक्ष्य निर्धारित कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है...
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