सुपौल, जून 10 -- सरायगढ़, निज संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र में सुपौल उप शाखा एवं सहरसा उप शाखा नहर से निकलने वाली विभिन्न माइनरों भीसी से किसानों को फसल के समय खेत तक पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। माइनर एवं भीसी की सैकड़ो एकड़ भूमि का पता भी नहीं चल पा रहा है। अधिकांश माइनर एवं भीसी अतिक्रमण की जद में है। साथ ही पिपरा खुर्द, नारायणपुर, चांदपीपर, झिलाडुमरी सहित अन्य गांवों के छोटे बड़े माइनरों का अस्तित्व मिटता जा रहा है। जिस कारण नहर में पानी नहीं आने से किसानों को सिंचाई के लिए बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नहर के दोनों तरफ की जमीन पर अवैध अतिक्रमण का कब्जा है। यही हाल प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न छोटे-बड़े माइनर एवं भीसी का है। जिसका अस्तित्व समाप्त हो जा रहा है। प्रखंड क्षेत्र के किसानों ने बताया कि हम लोगों के द्वारा हर साल खेती-बा...