सुपौल, जून 26 -- ​त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। मलमास खत्म होने बाद शादियों के सीजन की शुरुआत हो चुका है। अमूमन इस समय बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं होती थी और बर्तनों की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती थी। लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट है। बाजारों में दुकानें तो सजी हैं, मगर ग्राहकों के चेहरे से शादी-विवाह की रौनक गायब है। दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल के संकट और लगातार बढ़ती परिवहन लागत ने घरेलू बर्तनों के दाम इस कदर बढ़ा दिए हैं कि मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों के लिए शादी-विवाह का बजट पूरी तरह चरमरा गया है।​ यह भी पढ़ें- सुपौल : महंगाई की आंच में झुलसा बर्तन बाजार, महंगाई ने बिगाड़ा शादी-ब्याह का बजटकीमतों में वृद्धि बर्तन बाजार के दुकानदारों के मुताबिक महज डेढ़ महीने के भीतर तांबा, पीतल, कांसा और स्टील से बने बर...