सुपौल, मई 15 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। मध्य एशिया और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय बाजारों में भी महसूस होने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुई अनिश्चितता के बीच पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति व्यवस्था में बदलाव से महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है। डीजल-पेट्रोल से लेकर खाद्य सामग्री, निर्माण सामग्री और अन्य रोजमर्रा की जरूरतों के सामानों तक पर इसका असर पड़ सकता है। जानकारों का कहना है कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है। ट्रांसपोर्टेशन खर्च बढ़ने के बाद थोक और खुदरा बाजार में सामानों के दाम बढ़ना लगभग तय माना जाता है। इसी वजह से व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच चिंता बढ़ी हुई है। यह भी पढ़ें- तेल की कीमतों में वृद्धि से रसोई से बाजार तक पड़ेगी महंगाई की मारईंधन की आपूर...