सुपौल, अप्रैल 12 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में जलवायु परिवर्तन का सीधा असर अब खेती पर साफ दिखने लगा है। खासकर रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं बेमौसम बारिश, तेज आंधी, ओलावृष्टि और तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव की वजह से गंभीर संकट का सामना कर रही है। इसके चलते उत्पादन में गिरावट के साथ-साथ किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस साल 20 और 21 मार्च को हुई असमय बारिश और ओलावृष्टि ने कटाई के समय खड़ी गेहूं की फसल को बर्बाद कर दिया। तेज हवा के कारण कई जगहों पर फसल गिर गई, जिससे दाना खराब हो गया। किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के बाद भी राहत नहीं मिली, बल्कि अंतिम समय में मौसम की मार ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की गुणवत्ता पर भी बुरा असर पड़ा है। खेतों में गिरी फसल में मिट्टी मिल जाने से द...
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