सुपौल, जनवरी 24 -- सुपौल, एक संवाददाता। सदर प्रखंड के बरूआरी पश्चिम गांव स्थित मां दुर्गा, दस महाविद्या, नवग्रह, श्रीकृष्ण मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ श्रद्धा और विधि-विधान के साथ किया जा रहा है। यज्ञ मंडप में निर्मित पंचकुंडीय व्यवस्था इस महायज्ञ की विशेष पहचान बनी हुई है, जहाँ प्रतिदिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना एवं हवन किया जा रहा है। यज्ञ मंडप के मध्य में प्रधान वेदी स्थापित की गई है, जबकि चारों दिशाओं एवं ईशान कोण में अलग-अलग स्वरूप के पांच हवन कुंड बनाए गए हैं। इन कुंडों में यज्ञ शास्त्रों के अनुरूप देवताओं की स्थापना कर अग्निहोत्र संपन्न कराया जाता है। चतुरस्त्र कुंड पूर्व दिशा में निर्मित चतुरस्त्र (चौकोर) कुंड ब्रह्म तत्व का प्रतीक माना जाता है। इस कुंड में मुख्य रूप से सृष्टि, ज्ञान और तेज की कामना ...