सुपौल, फरवरी 8 -- सुपौल, हिंदुस्तान संवाददाता। जिले में फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) बनाने की प्रक्रिया किसानों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। आधार, जमाबंदी और बायोमेट्रिक सत्यापन से जुड़ी तकनीकी खामियों के कारण बड़ी संख्या में किसानों की फार्मर आईडी नहीं बन पा रही है। इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में भी देरी हो रही है। सबसे बड़ी समस्या जमाबंदी से जुड़ी सामने आ रही है। राजस्व पदाधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि कई किसानों की जमाबंदी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण सत्यापन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। वहीं, कुछ मामलों में जमाबंदी में दर्ज खेसरा संख्या का रकबा शून्य (0) दिखाया जा रहा है, जिससे सिस्टम आवेदन को स्वत: ही अस्वीकार कर रहा है। नाम मिलान (नेम मैचिंग) भी किसानों के लिए बड़ी बाधा बनी हुई है। आधार ...
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