सुपौल, अगस्त 18 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले की पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समितियां) अब कागजी अभिलेखों तक सीमित नहीं रहेंगी। पैक्स के सदस्यों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल करने की कवायद शुरू हो गई है। कंप्यूटरीकरण की प्रक्रिया पूरी कर चुकी जिले की 99 पैक्स समितियों के करीब 2.10 लाख सदस्यों का डिजिटल डाटाबेस तैयार कर ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। इसमें सदस्य के नाम, मकान और पते के साथ आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, वैवाहिक स्थिति, जाति प्रमाण-पत्र और नामिनी तक की जानकारी दर्ज की जाएगी।

डिजिटल डाटाबेस की प्रक्रिया जिला सहकारिता विभाग ने इसके लिए संबंधित पैक्सों में सदस्यों से आवश्यक दस्तावेज जमा कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिले में कुल 171 पैक्स सोसाइटियां कार्यरत हैं। इनमें 99 पैक्स का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है। अब इन समितियों के सदस्यों के ...