सुपौल, जून 18 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई और बाजार की थाली पर दिखने लगा है। जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में पिछले दो महीनों के भीतर फलों के दामों में करीब 30 से 40 प्रतिशत तक की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सेब, अनार, अंगूर और कीवी जैसे फलों के दाम अचानक बढ़ने से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का बजट बिगड़ गया है। फल व्यापारियों का कहना है कि डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन लागत में भारी इजाफा हुआ है। कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत से आने वाली फलों की खेप पर अब पहले की तुलना में काफी अधिक खर्च आ रहा है। एक ट्रक पर ही 8 से 10 हजार रुपये तक अतिरिक्त लागत जुड़ रही है।

महंगाई का प्रभाव इसके अलावा पैकेजिंग सामग्री जैसे प्लास्टिक क्रेट और कार्टन...