सुपौल, अप्रैल 28 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में 'ज्ञान भारत मिशन' के तहत चल रहे पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को बड़ी सफलता मिली है। पिपरा प्रखंड के जोल्हनियां गांव से करीब 100 वर्ष पुरानी एक दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपि (ग्रंथ) की खोज की गई है। इस उपलब्धि से न केवल सुपौल की ऐतिहासिक धरोहर सामने आई है, बल्कि प्राचीन ज्ञान परंपरा को संरक्षित करने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है। इस खोज का श्रेय पिपरा प्रखंड के जोल्हनियां निवासी शंभू शरण चौधरी को जाता है, जिनके प्रयास से यह प्राचीन ग्रंथ प्रकाश में आया। यह पांडुलिपि 60 वर्षीय डोमी मंडल के घर से प्राप्त हुई, जिन्होंने इसे अपने पूर्वजों की धरोहर के रूप में वर्षों से सुरक्षित रखा था। यह भी पढ़ें- पातेपुर के मठ से कुल 394 दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण पांडुलिपियां मिलीं प्रशासन ने इसे विरासत...
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