सुपौल, जुलाई 12 -- कुनौली, निज प्रतिनिधि। इंडो-नेपाल के सीमें से लगी सुपौल जिले के सीमावर्ती इलाके में नेपाली गांजे की तस्करी एक बार फिर जोरों पर है। तस्करों ने गांजा लाने के लिए खेत खलिहान और पगडंडियों को सेफ मार्ग बना रखा है। इसी सेफ जोन होकर तस्करी का खेल खेला जा रहा है। इस बात की पुष्टि गांव से लेकर शहरों तक विभिन्न चौक -चौराहों पर गांजा के धुएं की महक करती है। तस्करी का यह नेटवर्क नेपाल से लेकर देश के महानगरों तक फैला है।

गांजे के तस्करी का नेटवर्क दरअसल, इंडो-नेपाल की खुली सीमा तस्करों के लिए वरदान मानी जाती है। सीमा पर एसएसबी की तैनाती के बाद तस्कर खेत -खलिहान और पगडंडियों के सहारे गांजा इस पार पहुंचाते है। बताया जाता है कि सीमावर्ती गांवो में इसका स्टॉक किया जाता है। इसके बाद यह अलग -अलग जगहों के लिए भेजा जाता है। इसमें चार पहिया...