सुपौल, अक्टूबर 4 -- ​त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। ​सुपौल सहित पूरे प्रदेश के निजी विद्यालयों द्वारा वसूली की जा रही मनमानी फीस और अभिभावकों पर डाले जा रहे अतिरिक्त आर्थिक बोझ को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा को व्यवसाय बनाने वाले निजी स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि करीब पांच महीने पूर्व शिक्षा विभाग की ओर से सभी डीईओ को इस सम्बंध में कड़े निर्देश जारी किए थे। लेकिन जिला शिक्षा विभाग ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था और कोई अनुपालन प्रतिवेदन नहीं दिया गया था। अनुपालन प्रतिवेदन विभाग को अब तक नहीं भेजे जाने पर प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार निशांत विवेक ने गहरी नाराजगी जताई है।

शिक्षा निदेशक का आदेश साथ ही मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा नाराजगी जताने के बाद हरकत में आते हुए प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने संज्ञ...