सुपौल, मार्च 26 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। व्यावसायिक रसोई गैस सिलेंडर की कमी ने दूसरे राज्यों में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों की परेशानी बढ़ा दी है। गैस की किल्लत के कारण छोटे-छोटे होटल और ढाबों का संचालन प्रभावित हुआ है, जिससे वहां काम करने वाले श्रमिकों के सामने रोजगार के साथ भोजन का भी संकट खड़ा हो गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अब मजदूरों को गांव लौटने का फैसला लेना पड़ रहा है। हरियाणा के पानीपत में काम कर रहे कुंदन कुमार ने बताया कि उनके साथ रहने वाले पांच मजदूर दो दिन पहले ही घर लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब काम बंद हो गया और खाने की भी व्यवस्था नहीं रही, तो शहर में टिके रहना मुश्किल हो गया। इसी तरह पिपरा प्रखंड के लालपट्टी गांव निवासी संजय कुमार ने बताया कि वे पंजाब के भटिंडा में एक होटल में काम करते थे, जहां उन्हें काम के सा...