सुपौल, फरवरी 12 -- त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में शुमार 'हर घर नल का जल' योजना त्रिवेणीगंज में अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है। करोड़ों रुपये की लागत से बनी यह ड्रीम प्रोजेक्ट अब स्थानीय लोगों के लिए फायदा कम परेशानी का सबब अधिक बन गईहै। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत बोरिंग के माध्यम से पानी की आपूर्ति तो की जा रही है, लेकिन समुचित शुद्धिकरण व्यवस्था नहीं व देख रेख के अभाव में आम लोगों को आयरनयुक्त और दूषित पानी पीना पड़ रहा है।प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश वार्डों में नल से निकलने वाले पानी का रंग पीला और स्वाद कड़वा बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी में आयरन की मात्रा इतनी अधिक है कि बर्तनों और कपड़ों पर दाग पड़ जाते हैं। कई घरों में पानी को कुछ देर रखने पर उस...