सुपौल, अप्रैल 3 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। कभी सरकारी अस्पतालों का नाम सुनते ही लोगों के मन में अव्यवस्था, लंबी कतारें और घंटों इंतजार की तस्वीर उभरती थी। पर्ची कटवाने से लेकर डॉक्टर तक पहुंचने में आधा दिन गुजर जाता था। कई बार मरीज बिना इलाज के ही लौट जाते थे। लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। डिजिटल तकनीक के सहारे सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं का नया दौर शुरू हो गया है, जिससे मरीजों को न सिर्फ सुविधा मिल रही है बल्कि सरकारी व्यवस्था पर भरोसा भी बढ़ा है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) और मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के तहत शुरू किया गया 'भव्या ऐप' जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत आधार बन गया है। इस डिजिटल पहल ने अस्पतालों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदल दिया है। अब मरीज घर बैठे या नजदीकी केंद्र पर ही ऑनलाइन निबंधन क...