सुपौल : जिले के पीएम श्री स्कूलों में शिक्षकों का टोटा, भविष्य से खिलवाड़
सुपौल, जून 13 -- सुपौल, कार्यालय संवाददाता। जिले में करीब 17 सरकारी स्कूल को पीएम श्री का दर्जा मिलने के बाद बच्चों में बेहतर शिक्षा मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन करीब चार साल बाद भी स्कूल बदहाल है। दरअसल सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूल जैसा बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए जिले के सभी 11 प्रखंड और 6 प्रखंड मुख्यालय बाजार के एक एक पीएम श्री का दर्जा मिला। केंद्र और राज्य द्वारा स्कूल को आधुनिक और आदर्श (मॉडल) स्कूल के रूप में विकसित करना की योजना थी लेकिन योजना सिर्फ फाइलों तक ही सिमट कर रह गया है। करीब चार साल बाद भी आधुनिक शिक्षा तो बच्चों के लिए कोर्स की पढ़ाई भी मुश्किल हो गई है। कहीं महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं है तो कई जगह उच्च शिक्षा महज एडमिशन और परीक्षा तक रह गया है। इसके बाद अब स्थिति यह है कि शिक्षक जैसे तैसे क्लास ले रहे है तो...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.