सुपौल, जुलाई 31 -- सुपौल, नवीन कुमार। अब जंगलों से बाहर आबादी वाले इलाकों में भी यदि हाथी या अन्य वन्यप्राणियों के हमले से किसी व्यक्ति की मौत होती है, वह घायल होता है या पशुधन और संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता मिलेगी। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने गैर-वन क्षेत्रों में वन्यजीवों से होने वाली क्षति पर सहायता राशि देने के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है। इसके साथ ही पहली बार गैर-वन क्षेत्रों में होने वाले मानव-वन्यजीव संघर्ष को व्यवस्थित रूप से राहत योजना के दायरे में लाया गया है। यह भी पढ़ें- हजारीबाग में हाथियों का कहर! शौच के लिए गए बुजुर्ग को कुचलकर मार डालासंघर्ष और राहत योजना वन विभाग के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में हाथियों समेत अन्य वन्यजीवों के जंगल से निकलकर गांवों और आबादी वाले क्षेत्रो...