सुपौल, जून 25 -- सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान से मछलीपालन व्यवसाय संकट में है। तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने के कारण तालाबों का पानी तेजी से गर्म हो रहा है। जिससे मछलियां चर्मरोग, बैक्टीरियल संक्रमण और फंगल बीमारियों की चपेट में आने लगी हैं। इससे मछलीपालकों की चिंता बढ़ गई है। जिले में करीब 4,500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले 3123 तालाबों में चार हजार से अधिक किसान मछलीपालन से जुड़े हैं। इनमें 223 सरकारी तथा 3 हजार निजी तालाब शामिल हैं। इन तालाबों से प्रतिवर्ष लगभग 18 हजार मीट्रिक टन मछलियों का उत्पादन होता है। रोहू, कतला, मृगल, सिल्वर कार्प, ग्रास कार्प, कॉमन कार्प, पैंगेशियस और मांगुर सहित विभिन्न प्रजातियों की मछलियां यहां पाली जाती हैं।

गर्मी के प्रभाव से तालाबों की स्थित...