सुपौल, सितम्बर 6 -- सुपaul, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में खाद की बिक्री में मनमानी, कालाबाजारी और अनियमित वितरण पर रोक लगाने के लिए अब डिजिटल निगरानी का शिकंजा कसने जा रहा है। उर्वरक खरीदने वाले किसान की पहचान अब चेहरे के जरिए डिजिटल रूप से सत्यापित की जाएगी। पहचान सत्यापित होने के बाद ही बिक्री की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। किसान को कितनी मात्रा में कौन सा उर्वरक दिया गया, इसकी पूरी जानकारी एफएफएस (फर्टिलाइजर फ्लाइंग स्क्वाड) एप पर दर्ज की जाएगी। इतना ही नहीं, जिस केंद्र से खाद की बिक्री होगी, उसकी वास्तविक भौगोलिक स्थिति भी अक्षांश और देशांतर के जरिए रिकॉर्ड की जाएगी। यह भी पढ़ें- कालाबाजारी पर लगेगी लगाम, अब चेहरा पहचान कर होगी खाद की बिक्री नई व्यवस्था का उद्देश्य जिला कृषि पदाधिकारी नीतीश भारती ने उर्वरक बिक्री से संबंधित मानक संचालन प्र...