सुपौल, जून 9 -- सरायगढ़, सुशील कुमार। पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर हर साल बाढ़ की विभीषिका से ढोली और बनैनिया पंचायत मुख्य रूप से और भपटियाही, लौकहा, सरायगढ़ आंशिक रूप से प्रभावित होती है। लेकिन पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर के लोगों की जिंदगी और मौत की कहानी हर साल कोसी नदी ही लिखती है। कोसी जब भी उफान पर होती है, लोगों की नींद उड़ जाती है। कोसी के इस उफान मे हर साल कुछ लोग समाधि ले लेते हैं। यह कहानी चलती रहती है। यह भी पढ़ें- सुपौल : कोसी नदी हर साल लिखती है तटबंध के अंदर के लोगों की जिंदगी-मौत की कहानीबाढ़ और विस्थापन दरअसल समस्या यह है कि पूर्वी कोसी तटबंध के अंदर के लोग साल 2010 से ही विस्थापित होकर प्रखंड क्षेत्र के इर्द-गिर्द गांव पूर्वी कोसी तटबंध के स्पर, एनएच 57 के साइड में सहित अन्य जगहों पर बस गये हैं। लेकिन उनकी रोजी-रोटी का जरिया ...